परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (Perimeter and Area for Class 6th)

Paridhi Aur Kshetraphal Kaksha 6

परिचय

इस भाग में हम समतल आकृतियों के कक्षा 6 के लिए परिमाप और क्षेत्रफल (Perimeter and Area for Class 6th) का अध्ययन करेंगे। समतल आकृतियों का परिमाप इसकी सीमा से संबंधित माप है और समतल आकृतियों का क्षेत्रफल इसके द्वारा घेरे गए क्षेत्र या सतह से संबंधित माप है।

समतल आकृतियाँ क्या हैं?

समतल आकृतियाँ द्वि-आयामी आकृतियाँ हैं जो समतल सतह पर खींची जाती हैं।

खुली आकृतियाँ – खुली आकृतियों में, आकृति का प्रारंभिक बिंदु और समाप्ति बिंदु एक ही बिंदु पर नहीं होते हैं। वे आकृतियाँ जिनमें प्रारंभिक बिंदु और समाप्ति बिंदु जुड़े हुए नहीं होते हैं, खुली आकृतियाँ कहलाती हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

प्रारंभिक बिंदु – A, समाप्ति बिंदु – B

बंद आकृतियाँ – बंद आकृतियों में, आकृति का प्रारंभिक बिंदु और समाप्ति बिंदु एक ही बिंदु पर होते हैं। वे आकृतियाँ जिनमें प्रारंभिक बिंदु और समाप्ति बिंदु जुड़े हुए होते है, बंद आकृतियाँ कहलाती हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

प्रारंभिक बिंदु – A, समाप्ति बिंदु – B

परिमाप क्या है?

परिमाप बंद आकृतियों की सीमा का पूर्ण माप है। बंद आकृतियों का परिमाप ज्ञात किया जा सकता है लेकिन खुली आकृतियों का नहीं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

उपरोक्त आकृतियों में, परिमाप की गणना करने के लिए हम बिंदु A से शुरू करते हैं और पूर्ण माप बिंदु A से बिंदु A तक होता है।

आकृति (1) के लिए, परिमाप = AB + BC + CA

आकृति (2) के लिए, परिमाप = AB + BC + CD + DA

आकृति (3) के लिए, परिमाप = AB + BC + CD + DA

विषम आकृतियों का परिमाप- विषम आकृतियाँ वे आकृतियाँ होती हैं जिनकी सभी भुजाएँ और सभी कोण विभिन्न मापों के होते हैं। इस प्रकार की आकृतियों को बंद विषम आकृतियाँ कहते हैं। विषम आकृतियों का परिमाप सभी भुजाओं का योग होता है। आइए उदाहरणों के साथ समझते हैं।

उदाहरण – नीचे दी गई आकृतियों का परिमाप ज्ञात कीजिए।

हल

आकृति (1) का परिमाप = AB + BC + CD + DE + EA

= 5 सेमी + 3 सेमी + 3 सेमी + 5 सेमी + 4 सेमी

= 20 सेमी        उत्तर

आकृति (2) का परिमाप = AB + BC + CD + DE + EF + FA

= 4 सेमी + 6 सेमी + 3 सेमी + 5 सेमी + 4 सेमी + 3 सेमी

= 25 सेमी       उत्तर

सम आकृतियों का परिमाप – वे आकृतियाँ जिनकी सभी भुजाएँ और सभी कोण समान माप के होते हैं, सम आकृतियाँ कहलाती हैं। इस प्रकार की आकृतियों को बंद सम आकृतियाँ कहा जाता है। सम आकृतियों के लिए, हम भुजाओं की संख्या को प्रत्येक भुजा के माप से गुणा करके परिमाप ज्ञात कर सकते हैं। इसे हम नीचे दिए गए उदाहरण से समझ सकते हैं।

उदाहरण – नीचे दी गई आकृतियों का परिमाप ज्ञात कीजिए।

हल

आकृति (1) में, त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर हैं इसका अर्थ है कि यह त्रिभुज एक समबाहु त्रिभुज है।

इसलिए, एक समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3×भुजा

= 3×5 सेमी = 15 सेमी        उत्तर

आकृति (2) में, चारों भुजाएँ समान हैं इसलिए यह एक वर्ग है।

इसलिए, वर्ग का परिमाप = 4×भुजा

= 4×6 सेमी = 24 सेमी         उत्तर

नोटएक सम आकृति का परिमाप ज्ञात करने के लिए हम एक सामान्य सूत्र बना सकते हैं।

सम आकृति का परिमाप = भुजाओं की संख्या × प्रत्येक भुजा का माप

आयत का परिमाप – हम जानते हैं कि एक आयत में चार भुजाएँ होती हैं और सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। तो हम एक आयत का परिमाप कैसे ज्ञात कर सकते हैं? चलो देखते हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

उपरोक्त आकृति एक आयत ABCD है। सम्मुख भुजाएँ बराबर होंगी इसलिए AB = CD और BC = AD।

अब, आयत ABCD का परिमाप = AB + BC + CD + DA

= AB + BC + AB + BC        [∵ AB = CD और BC = AD]

= 2AB + 2BC

= 2(AB + BC)

यहाँ AB = आयत की लंबाई और BC = आयत की चौड़ाई।

इसलिए, हम सूत्र के रूप में लिख सकते हैं, आयत का परिमाप = 2(लंबाई + चौड़ाई)

इसका अर्थ है कि यदि हमें एक आयत का परिमाप ज्ञात करना है, तो हमें लंबाई और चौड़ाई को जोड़ना होगा और फिर 2 से गुणा करना होगा।

उदाहरण – नीचे दिए गए आयत का परिमाप ज्ञात कीजिए।

हलआयत का परिमाप = 2(लंबाई + चौड़ाई)

= 2(6 सेमी + 3 सेमी)

= 2(9 सेमी)

= 18 सेमी        उत्तर

नोट -1) परिमाप, दूरी का एक प्रकार है इसलिए परिमाप का मात्रक एक लम्बाई का मात्रक होता है।

2) बड़ी आकृतियों का परिमाप अधिक होता है।

क्षेत्रफल क्या है?

जब हम एक बंद आकृति बनाते हैं, तो आकृति उस क्षेत्र को ढकती है जो उससे घिरा होता है। उस क्षेत्र को आकृति के क्षेत्रफल के रूप में जाना जाता है। यहाँ कुछ बंद आकृतियाँ दी गई हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

उपरोक्त सभी आकृतियाँ सतह के कुछ भाग को ढकती हैं। हम देख सकते हैं कि जो आकृति बड़ी है, वह सतह के अधिक भाग को ढक रही है। कभी-कभी हम यह नहीं कह सकते कि किस आकृति का क्षेत्रफल अधिक है। इस स्थिति में, हम क्षेत्रफल की गणना के लिए वर्गाकार कागज या ग्राफ पेपर का उपयोग करते हैं। आइए एक उदाहरण लेते हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

वर्गाकार कागज में, प्रत्येक वर्ग की प्रत्येक भुजा की माप 1 सेमी होती है। वर्गाकार कागज पर क्षेत्रफल की गणना करने के लिए, हमें कुछ नियमों पर ध्यान देना होगा।

  1. वह वर्ग जो पूरी तरह से आकृति के नीचे ढका हुआ है, पूर्ण वर्ग के रूप में गिना जाता है।
  2. वह वर्ग जो आकृति के नीचे आधा ढका हुआ है, आधा वर्ग गिना जाता है।
  3. वह वर्ग जो आकृति के नीचे आधे से भी कम ढका हुआ है, उसे नहीं गिना जाता है।
  4. वह वर्ग जो आधे से अधिक ढका हो, पूर्ण वर्ग के रूप में गिना जाता है।

अब, उपरोक्त उदाहरण में,

पूरी तरह से ढके वर्गों की संख्या = 23 वर्ग

आधे ढके हुए वर्गों की संख्या = 4 = 4×½ = 2 पूर्ण वर्ग

आधे से कम ढके हुए वर्गों की संख्या = 3 वर्ग (इन्हे नहीं गिनते है)

आधे से अधिक ढके हुए वर्गों की संख्या = 7 वर्ग (इन्हे पूर्ण वर्गों के रूप में गिनते है)

अत: दी गई आकृति का क्षेत्रफल होगा = 23 + 2 + 7 

= 32 वर्ग इकाई

नोट – हम किसी भी बंद आकृति का क्षेत्रफल वर्ग इकाई में मापते हैं। यदि किसी आकृति की भुजाएं सेंटीमीटर में हों तो क्षेत्रफल का मात्रक वर्ग सेंटीमीटर (वर्ग सेमी) होगा।

आयत का क्षेत्रफल

यदि हम एक वर्गांकित कागज पर एक आयत बनाते हैं और क्षेत्रफल की गणना करते हैं, तो हम पाएंगे कि आयत द्वारा ढके हुए वर्ग उसकी लंबाई और चौड़ाई के गुणन के बराबर हैं।

परिमाप और क्षेत्रफल कक्षा 6 (PERIMETER AND AREA FOR CLASS 6TH)

आयत द्वारा ढके हुए वर्ग = 24 वर्ग

लंबाई और चौड़ाई का गुणन = 6×4 = 24

चूँकि आयत द्वारा ढके हुए वर्ग और लंबाई व चौड़ाई का गुणन बराबर है।

इसलिए, हम आयत की लंबाई और चौड़ाई को गुणा करके आयत के क्षेत्रफल की गणना कर सकते हैं।

अत: आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई

उदाहरण यदि एक आयताकार मेज की लंबाई और चौड़ाई क्रमशः 10 सेमी और 7 सेमी है, तो मेज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल यहाँ, मेज की लंबाई = 10 सेमी

मेज की चौड़ाई = 7 सेमी

अत: आयताकार मेज का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई

= 10 सेमी × 7 सेमी

= 70 वर्ग सेमी.          उत्तर 

वर्ग का क्षेत्रफल

वर्ग का क्षेत्रफल आयत के क्षेत्रफल के समान ही ज्ञात किया जा सकता है। हम जानते हैं कि यदि किसी आयत की लंबाई और चौड़ाई समान हो तो वह वर्ग होगा।

वर्ग द्वारा ढके हुए वर्ग = 16 वर्ग

इसकी दोनों भुजाओं का गुणन = 4×4 =16

चूँकि दोनों का मान समान है, इसलिए हम वर्ग की दो भुजाओं को गुणा करके उसके क्षेत्रफल की गणना कर सकते हैं।

अत: वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा × भुजा

उदाहरण एक वर्गाकार टाइल का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि इसकी प्रत्येक भुजा 5 सेमी. है।

हल एक वर्गाकार टाइल की प्रत्येक भुजा = 5 सेमी

अतः वर्गाकार टाइल का क्षेत्रफल = भुजा × भुजा

= 5 सेमी × 5 सेमी

= 25 वर्ग सेमी.          उत्तर

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