परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार कक्षा 10 (Decimal Expansion of Rational Number Class 10th)

Parimey Sankhyaon Ka Dashamalav Prasaar

परिचय

हम पहले ही पढ़ चुके हैं कि जिस संख्या को p/q के रूप में लिखा जा सकता है, वह परिमेय संख्या कहलाती हैं। जहाँ p और q सहअभाज्य संख्याएँ हैं और q ≠ 0। परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (Decimal Expansion of Rational Number) या तो सांत दशमलव प्रसार होता है या असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होता है। इस भाग में, हम ठीक से अध्ययन करेंगे और पता लगाएंगे कि एक परिमेय संख्या का सांत दशमलव प्रसार कब होता है और कब यह असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होता है। आइए कई उदाहरणों की मदद से समझते हैं।

परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (DECIMAL EXPANSION OF RATIONAL NUMBER)

विस्तृत व्याख्या

आइए कुछ परिमेय संख्याओं पर विचार करें-

1) 3.75         2) 0.540         3) 14.2680              4) 0.0963              5) 123.2

इन संख्याओं को परिवर्तित करने पर हमें प्राप्त होता है

1) 3.75 = 375/100 = 375/102

2) 0.540 = 540/1000 = 54/100 = 54/102

3) 14.2680 = 142680/10000 = 14268/1000 = 14268/103

4) 0.0963 = 963/10000 = 963/104

5) 123.2 = 1232/10  

उपरोक्त उदाहरणों में, सभी परिमेय संख्याओं के हर, 10 की घात के रूप में है। यदि हम इन परिमेय संख्याओं को और अधिक हल करते हैं और अंश का गुणनखंड करते हैं और अंश और हर में समान पदों को रद्द करते हैं तो देखते हैं कि हमें क्या मिलता है।

1) 3.75 = 375/102 = 3×53/(2×5)2 = 3×53/22×52 = 3×5/22

2) 0.540 = 54/102 = 2×33/(2×5)2 = 2×33/22×52 = 33/2×52

3) 14.2680 = 14268/103 = 22×3×29×41/(2×5)3 = 22×3×29×41/23×53 = 3×29×41/2×53

4) 0.0963 = 963/104 = 32×107/(2×5)4 = 32×107/24×54

5) 123.2 = 1232/10 = 24×7×11/2×5 = 23×7×11/5

उपरोक्त उदाहरणों में सभी परिमेय संख्याओं के हरों में एक बात समान है। वह क्या है, आइए पता करते हैं,

उदाहरण 1) में, परिमेय संख्या = 3×5/22, हर = 22 या हम लिख सकते हैं 22×50    [∵ 50= 1]

उदाहरण 2) में, परिमेय संख्या = 33/2×52, हर = 21×52

उदाहरण 3) में, परिमेय संख्या = 3×29×41/2×53, हर = 21×53

उदाहरण 4) में, परिमेय संख्या = 32×107/24×54, हर = 24×54

उदाहरण 5) में, परिमेय संख्या = 23×7×11/5, हर = 5 या हम लिख सकते हैं 20×51

सभी परिमेय संख्याओं में, समान बात यह है कि सभी के हर, 2 की घात या 5 की घात या दोनों के रूप में हैं। हम जानते हैं कि 10 के अभाज्य गुणनखंड 2×5 होते हैं इसलिए 10 की घातों में गुणनखंड के रूप में केवल 2 और 5 की घात हो सकती है। सभी परिमेय संख्याओं के हर 10 की घातों के रूप में होने के कारण हमें गुणनखंड, 2 की घात या 5 की घात या दोनों के रूप में मिलते हैं।

यदि हम और उदाहरण लें जिनके दशमलव प्रसार, सांत दशमलव प्रसार हैं, तो उन संख्याओं को ऐसी परिमेय संख्याओं में व्यक्त किया जा सकता है जिनके हर 2 या 5 की घात में हैं या 10 की घात में हैं। परिमेय संख्याओं के अंश और हर में समान पदों को रद्द करने के बाद, हम पाएंगे कि परिमेय संख्या का हर 2n×5m के रूप में है, जहां n और m ऋणेतर पूर्णांक संख्याएँ हैं।

हम उपरोक्त उदाहरणों के परिणाम को निम्नलिखित प्रमेय के रूप में लिख सकते हैं।

प्रमेय 1) यदि x एक परिमेय संख्या है जिसका दशमलव प्रसार सांत है, तो x को p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q सहअभाज्य संख्याएँ हैं और q का अभाज्य गुणनखंड 2n×5m के रूप का है, जहाँ n और m ऋणेतर पूर्णांक संख्याएँ हैं।

प्रमेय का विलोम भी सत्य है। आइए उपरोक्त उदाहरणों की सहायता से देखते हैं।

हम उपरोक्त उदाहरणों को उल्टे क्रम में हल करेंगे।

1) 3×5/22 = 15/22 = 15×52/22×52 (अंश और हर को 52 से गुणा करने पर,)

= 15×25/(2×5)2 = 375/(10)2 = 375/100 = 3.75

2) 33/2×52 = 27/2×52 = 27×2/2×2×52 (अंश और हर को 2 से गुणा करने पर,)

= 54/22×52 = 54/(2×5)2 = 54/(10)2 = 54/100 = 0.54 or 0.540

3) 3×29×41/2×53 = 3567/2×53 = 3567×22/2×53×22 (अंश और हर को 22 से गुणा करने पर,)

= 3567×4/23×53 = 14268/(2×5)3 = 14268/(10)3 = 14268/1000 = 14.268 or 14.2680

4) 32×107/24×54 = 963/(2×5)4 = 963/(10)4 = 963/10000 = 0.0963 (हर पहले से ही 10 की घात में है)

5) 23×7×11/5 = 616/5 = 616×2/5×2 (अंश और हर को 2 से गुणा करने पर,)

= 1232/10 = 123.2

उपरोक्त उदाहरणों से, हम कह सकते हैं कि हम p/q (जहाँ q, 2n×5m के रूप का है) रूप की एक परिमेय संख्या को एक समतुल्य परिमेय संख्या में बदल सकते हैं, जिसका हर 10 की घात में है। इसलिए इस प्रकार की परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (Decimal Expansion of Rational Number), सांत दशमलव प्रसार होता है। इस परिणाम को हम नीचे दी गई प्रमेय के रूप में लिख सकते हैं।

प्रमेय 2) यदि x, p/q के रूप की एक ऐसी परिमेय संख्या है, कि q का अभाज्य गुणनखंड 2n×5m के रूप का है, जहाँ n और m ऋणेतर पूर्णांक संख्याएँ हैं, तो x का दशमलव प्रसार, सांत दशमलव प्रसार होता है। अब हम उन परिमेय संख्याओं पर विचार करते हैं जिनके हर 10 की घातों के रूप में या 2n×5m के रूप में नहीं हैं। इस प्रकार की परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार, असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होता है।

आइए हम इनमें से कुछ परिमेय संख्याओं पर विचार करें।

1) 1/3                   2) 300/37               3) 47/99                 4) 7/6

यहाँ, सभी परिमेय संख्याओं के हर 2n×5m के रूप में नहीं हैं, इसलिए हम दशमलव प्रसार प्राप्त करने के लिए, अंश को हर से विभाजित करेंगे।

1) 1/3

2) 300/37

परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (DECIMAL EXPANSION OF RATIONAL NUMBER)

3) 47/99

4) 7/6

परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (DECIMAL EXPANSION OF RATIONAL NUMBER)

प्रत्येक परिमेय संख्या को विभाजित करने के बाद, हमें शेषफल 0 प्राप्त नहीं होता है और विभाजन प्रक्रिया समाप्त नहीं हो रही है और भागफल में अंको की पुनरावृत्ति हो रही हैं इसलिए उपरोक्त सभी परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार, असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होगा।

इसका अर्थ है कि हम कह सकते हैं कि वे परिमेय संख्याएँ जिनके हर 2n×5m के रूप में नहीं होते हैं, उनका दशमलव प्रसार, असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होता है। इस परिणाम को हम प्रमेय के रूप में लिख सकते हैं।

प्रमेय 3) यदि x, p/q के रूप की एक ऐसी परिमेय संख्या है, कि q का अभाज्य गुणनखंड 2n×5m के रूप का नहीं है, जहाँ n और m ऋणेतर पूर्णांक संख्याएँ हैं, तो x का दशमलव प्रसार, असांत आवर्ती दशमलव प्रसार होता है।

नोट – 1) उपरोक्त स्पष्टीकरणों से पता चलता है कि प्रत्येक परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार या तो सांत या असांत आवर्ती होता है।

2) यदि कोई ऐसी संख्या है जिसका दशमलव प्रसार असांत अनावर्ती है तो वह संख्या अपरिमेय संख्या कहलाती है।

कुछ उदाहरण

उदाहरण 1) लंबी विभाजन प्रक्रिया किए बिना 17/3125 और 77/210 का दशमलव प्रसार लिखिए।   

हलयहाँ, 17/3125 = 17/20×55

हर 3125, 2n×5m के रूप का है, इसलिए , 17/3125 का दशमलव प्रसार सांत है।

अब 77/210 = 77/2×3×5×7   

हर 210, 2n×5m के रूप का नहीं है, इसलिए, 77/210 का दशमलव प्रसार, असांत आवर्ती है।        उत्तर

उदाहरण 2) दशमलव प्रसार की सहायता से निर्धारित करें कि दी गई संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ हैं या अपरिमेय संख्याएँ है।

i) 123.1236289476…….      ii) 34.654321             iii) 0.324532453245………..

हल – i) 123.1236289476…….

इस संख्या का दशमलव प्रसार, असांत अनावृत्ति है इसलिए यह संख्या एक अपरिमेय संख्या है।

ii) 34.654321

इस संख्या का दशमलव प्रसार सांत है इसलिए यह संख्या एक परिमेय संख्या है।

iii) 0.324532453245………..

इस संख्या का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती है अतः यह संख्या एक परिमेय संख्या है।       उत्तर

परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार (Decimal Expansion of Rational Number) कक्षा 10 अँग्रेजी में

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