यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका कक्षा 10 (The Euclid’s Division Lemma Class 10th)

Euclid Vibhaajan Prameyika

परिचय

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid’s Division Lemma) आमतौर पर एक एल्गोरिथ्म (कलन विधि) है जो ग्रीक गणितज्ञ यूक्लिड द्वारा दिया गया है। यह प्रमेयिका वास्तविक संख्याओं के विभाजन पर आधारित है। हमने पहले से ही विभाजन एल्गोरिथ्म का अध्ययन किया हैं, जिसमें यदि हम किसी संख्या को किसी अन्य संख्या से विभाजित करते हैं तो हमें दो संख्याएँ एक भागफल और एक शेषफल (कभी-कभी शेषफल शून्य हो सकता है) मिलती है। विभाजन एल्गोरिथ्म के अनुसार,

भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल

The Euclid's Division Lemma (यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका)

कुछ उदाहरणों से समझते हैं, 

  1. 67 = 4 × 16 + 3 [भाज्य = 67, भाजक = 4, भागफल = 16, शेषफल = 3]
  2. 88 = 15 × 5 + 13 [भाज्य = 88, भाजक = 15, भागफल = 5, शेषफल = 13]
  3. 45 = 9 × 5 + 0 [भाज्य = 45, भाजक = 9, भागफल = 5, शेषफल = 0]

उपरोक्त उदाहरणों की सहायता से, हमें विभाजन एल्गोरिथम से संबंधित नियमों को ध्यान में रखना होगा।

1) भाज्य शून्य हो सकता है लेकिन अनिश्चित हल के कारण भाजक कभी भी शून्य नहीं हो सकता है।

2) शेषफल हमेशा भाजक से छोटा होता है और कभी-कभी यह शून्य हो सकता है।

3) कभी-कभी भागफल भी शून्य हो सकता है। यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका, विभाजन एल्गोरिथम पर आधारित है और इसकी सहायता से हम इसे निम्नानुसार बता सकते हैं।

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (कथन)

यदि हम एक धनात्मक पूर्णांक a को धनात्मक पूर्णांक b से विभाजित करते हैं तो हमें भागफल q और शेषफल r के रूप में दो पूर्ण संख्याएँ मिलती हैं। हम इस संबंध को इस तरह लिख सकते हैं

a = bq + r         जहाँ,  0  r < b

अथवा

यदि दो धनात्मक पूर्णांक a और b हैं तो दो अद्वितीय पूर्णांक q और r इस संबंध को संतुष्ट करेंगे

a = bq + r         जहाँ,  0  r < b

नोट – 1) यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid’s Division Lemma) का उपयोग शून्य (0) को छोड़कर सभी पूर्णांकों के लिए किया जा सकता है। 2) उपरोक्त संबंध में, q और r शून्य हो सकते हैं।

उदाहरण – दर्शाइये कि किसी भी धनात्मक पूर्णांक को 5q या 5q + 1 या 5q + 2 या 5q + 3 या 5q + 4 के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ q एक पूर्णांक है।

हल माना a और b कोई भी दो धनात्मक पूर्णांक हैं और हम b = 5 ले रहे हैं।

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका द्वारा,    a = bq + r         जहाँ,  0 ≤ r < b

यहाँ,      b = 5          तो 0 ≤ r < 5    अर्थात r = 0, 1, 2, 3, 4

मान रखने पर,  b = 5 और r = 0 तो     a = 5q + 0; a = 5q

b = 5 और r = 1 तो     a = 5q + 1

b = 5 और r = 2 तो     a = 5q + 2

b = 5 और r = 3 तो    a = 5q + 3

b = 5 और r = 4 तो     a = 5q + 4

इसलिए, किसी भी धनात्मक पूर्णांक को 5q, 5q + 1, 5q + 2, 5q + 3 और 5q + 4 के रूप में लिखा जा सकता है। उत्तर

यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म

यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका पर आधारित है और इस एल्गोरिथ्म में, हम इसके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। एल्गोरिथ्म में, इसके अनुप्रयोगों से संबंधित समस्या को हल करने के लिए कुछ चरण हैं। यहां हम दो धनात्मक पूर्णांकों के मसप (महत्तम समापवर्तक) को ज्ञात करने के लिए इसके अनुप्रयोगों का उपयोग करेंगे। दो धनात्मक पूर्णांक a और b का मसप सबसे बड़ा धनात्मक पूर्णांक होता है और धनात्मक पूर्णांक a और b दोनों इसके द्वारा विभाज्य होते हैं।

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का उपयोग करके यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म द्वारा मसप ज्ञात करने के लिए चरण

चरण 1 माना a और b दो धनात्मक पूर्णांक हैं (जहां a > b) तो यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करने के बाद हमें दो पूर्ण संख्याए q और r मिलेंगी। तो संबंध होगा

a = bq + r              जहाँ     0 ≤ r < b

चरण 2 – यदि हम शेषफल r = 0 प्राप्त करते हैं, तो भाजक b का मान महत्तम समापवर्तक (मसप) होगा और यदि शेषफल r  0 है तो हम यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग भाजक b और शेषफल r के लिए करेंगे और हमें अन्य दो पूर्ण संख्याए q` और r` मिलेंगी

b = rq` + r`           जहाँ     0 ≤ r` < r

चरण 3 – यदि अब हम शेषफल r` = 0 प्राप्त करते हैं, तो भाजक r का मान मसप होगा और यदि r` 0 है, तो हम फिर से यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग भाजक r और शेषफल r` के लिए करेंगे।

चरण 4 – हम प्रक्रिया को तब तक जारी रखेंगे जब तक कि शेषफल शून्य (0) नहीं हो जाता है और जब शेषफल शून्य हो जाता है, तो उस अवस्था में भाजक का मान ही मसप होगा।

चलो इस पर कुछ उदाहरण लेते हैं

उदाहरण 1) यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म द्वारा 75 और 250 का मसप ज्ञात करो।

हल – चरण 1 – यहां दो धनात्मक पूर्णांक 75 और 250 है और 250 > 75 हैं इसलिए यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका द्वारा,

250 = 75 × 3 + 25

चरण 2 – चूंकि शेषफल शून्य नहीं है 25 ≠ 0 इसलिए हम यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग भाजक 75 और शेषफल 25 के लिए करेंगे।

75 = 25 × 3 + 0

चरण 3 – चूंकि चरण 2 में शेषफल शून्य है और इस चरण में भाजक 25 है।

इसलिए, 75 और 250 का वांछित मसप 25 है। उत्तर

इसे हम विभाजन प्रक्रिया द्वारा भी समझ सकते हैं –

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid's Division Lemma)

उदाहरण 2) यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का उपयोग करते हुए 196 और 38220 का मसप ज्ञात करो ।

हल – यहाँ 38220 > 196 है इसलिए यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका द्वारा,

38220 = 196 × 195 + 0

चूंकि पहले चरण में शेषफल शून्य है, इसलिए 196 और 38220 का मसप 196 है।       उत्तर    

हम इसे विभाजन प्रक्रिया द्वारा भी समझ सकते हैं

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid's Division Lemma)

उदाहरण 3) वह सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए जो 427 और 137 को इस तरह विभाजित करती है कि दोनों में शेषफल 7 बचता है।

हल यहां दोनों में शेषफल 7 हैं इसलिए संख्याएं होंगी

427 – 7 = 420 और 137 – 7 = 130

अब हमें सबसे बड़ी संख्या ज्ञात करनी है जो 420 और 137 को विभाजित करती है, जो कि इन दोनों संख्याओं का मसप होगा इसलिए, हम यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका द्वारा दोनों संख्याओं का मसप ज्ञात करेंगे।

∵ 420 > 130

420 = 130×3 + 30

शेषफल 30 ≠ 0, तो फिर 130 और 30 के लिए यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करने पर,

130 = 30×4 + 10

शेषफल 10 ≠ 0, इसलिए 30 और 10 के लिए यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करने पर,

30 = 10×3 + 0

अब शेषफल शून्य है और भाजक 10 है।   

इस प्रकार वांछित मसप 10 है। उत्तर

विभाजन प्रक्रिया –

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid's Division Lemma)

यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (The Euclid’s Division Lemma) कक्षा 10 अँग्रेजी में

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